सीरो- दुखी ना हो बापू. तू मेरे नाल कुछ गलत नी किता. बस इना जरूर है के, तेरी शान तल्ले संसार इतना चंगा लगदा सी, उतना सच्ची-मुच्ची है नी. घबरा ना बापू, तगड़ी है तेरी धी. ऐ नी हारदी.
बापू - पुत्त, तू की हाल बना लिया आपणा, किना रोग ला लिया अपने आप नूं. तू चल मेरे नाल. आ शाबाश मेरी धी, चल मेरे नाल. छड्ड दे ये सारे बोझ. छड्ड दे.
सीरो - बापू, जद्दों घर तां रहा मैं धी दा फर्ज अदा कितातां. हूण बीवी दा कर रही हां. इस दरवेश ने कदे साथ नी छड्ड्या. जदों लोग मैनूं कलहणी कह रहे सन, ओदों वी मेरे नाल सी. हूण अब फर्ज मेरा. बापू, तू दस. तेरे चेले किवें ने?
बापू - मैं ठीक हां. ते चेले. ओह मुड़ के कदे नहीं आया. अपने घर वी नहीं गया. पता नहीं कित्थे चला गया.
सीरो - हूणा यही करना सी. बेसब्र कां सब्र कित्थे सी. ओह मैनूं लੱਭण ( ढूंढने)वास्ते निकल गया होवे, ते आपणा आप ही खो बैठा होवे. चंगा होवे जे ओह अखां नाल सांझ पा लेवे, ते फिर शायर बन जावे. मोहब्बत लिखण लग जावां.
बापू - सीरो पुत्त, तैनूं सत्ता बहुत याद आउंदा है.
सीरो - यादां नूं कौन रोक सकदा है बापू जी. कदे-कदे मैं दुआ करदी हां कि ओह शायर बन जावे. पर हर रोज़ दुआ करदी हां कि मेरा शोहर ठीक हो जावे. अतीत नूं सिर्फ़ याद किता जा सकदा है. पर सानूं मौजूदा वक्त नाल ही जीणा पैंदा है.
इकबाल - सीरो, कोई बोल तां दे.
सीरो - नहीं इकबाल. होण मैनूं बोल नहीं ओंदे. मेरे बोल तां उत्थे ही रह गए, सत्ते कोल. हां, एह समझ लै कि ओह मैनूं शायरी दा.... (उपहार) मंग्या ते, मैनूं उन्हां बोल दे दिते. होण तां जे ओह बोले, तां मैं बोलां.
नोट- पिछले दिनों एक रील में पंजाब यूनिवर्सिटी के अंदर किसी लड़की के द्वारा गाया गीत सुना था. गीत के बोल थे.


