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Monday, November 2, 2009

जिंदगी के रंग- विजय जी के संग

जिंदगी खूबसूरत रंगो से भरी हुई है। हर रंग निराला है, प्यारा है। और हर रंग हर दूसरे से जुड़ा हुआ है जैसे सुख से दुख। इसलिए जिंदगी में संघर्ष के रंग के बाद खुशी का रंग आता है। और जीवन में रस घोल जाता है। आज हम भी आ गए अपनी जिदंगी के रंगो को लेकर।




संघर्ष का रंग : बुर्जुगों की दुआ काम कर जाती है। 

बात बहुत साल पहले की है. जब मैं पढाई किया करता था और किराये के घर पर रहता था. उस घर में अक्सर बिजली नही रहती थी तब मैं रात को स्ट्रीट लाईट  के नीचे बैठकर पढाई करता था. और सपने देखा करता था। ऐसे ही एक दिन मैं पढ़ रहा था तो एक बुढा बाबा आया और मेरे पास बैठाकर बातें करने लगा. हम कुछ बात कर रहे थे. रात को मैं चाय पीने ,पास के मोहल्ले की एक कैंटीन में जाता था . उस दिन उस बुढे के लिए भी चाय ले आया . थोडी देर बाद मैंने ऊपर स्ट्रीट लाईट को देख कर उस से कहापता नहीं मैं अपने घर की बिजली में कब पढ़ पाऊंगा....... उस बुढे ने मेरे सर पर हाथ फेरा और कहा , फ़िक्र न कर बेटा , एक दिन तू इन्ही खम्बों को बिजली बेचेंगा. मैं हंस पढ़ा .....और उससे कहा कि ये होने वाला नहीं है .. बुढे ने हंसते हुए कहाहोंगा. देखते रह, जरुर होंगा. आज करीब २० बरस बाद मैं अपनी कंपनी के बने हुए लाईटिंग स्टिम बहुत से मुनिस्पल कारपोरेशन को बेचता हूँ तो उस बुढे बाबा की याद आ जाती है. और मुँह से ये ही शब्द निकलते है। 


ज़िन्दगी के अपने जादू होते है और सपने यही इसी दुनिया में सच होते है......”



शब्दों का रंग : गाँधी जी के संग|

"Be the change you want to see in the world."
                                           Mahatma Gandhi



हंसी का रंग : इस फिल्म के गायक हम है।

दोस्तों, मेरे जीवन की दो लाइफलाइंस है, एक म्यूजिक और दूसरा कॉमेडी. मैं हर परिस्थिती में कॉमेडी देख लेता हूँ. एक वाक्या बताता हूँ. मैं Mining Engineering कर रहा था. हम सब Civil Engineering की लड़कियों पर खूब मरते थे. मैं तब बहुत अच्छा गाना गाता था. मेरे क्लास का एक बन्दा सिविल की एक लड़की पर मरता था. उसने कहा कि यार मैं Lip-Movement करूँगा, तुम गा लेना. मैं तैयार हो गया. हम लड़कियों के रूम के सामने पहुँच गए और उस लड़की को देखकर गाने लग गाये. “प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है.........”लड़की दूर थी, वो सोची की यही बन्दा गा रहा है. वो खुश, बन्दा खुश, हमारी टीम खुश. अचानक , इस बन्दे को खांसी आ गयी. वो खांसने लगा, और मेरा गाना चालू ही था. जब तक उसकी खांसी रूकती और मुझे बात समझ में आती तब तक गाने का अन्तरा ख़त्म हो चुका था . और लड़की को सब कुछ पता चल गया था. वो बाहर आई, बन्दे को, मुझे और सारी टोली को खूब खरी खरी बाते सुनाई. और आज उन पलों को याद करता हूँ तो आज भी हँसी छूट जाती है।

विजय जी के ब्लोग का पता- विजय जी की कविताएं

Monday, January 5, 2009

नए साल पर मिला नैना को एक उपहार

नैना
    
छोटी सी ये नैना मेरी
प्यारी सी ये नैना मेरी
मेरे दिल के बाग़ की ये मैना मेरी
प्यारी सी ये बिटिया नैना मेरी।
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सुंदर सी इसकी आँखे
प्यारी सी इसकी नाक
छोटे छोटे इसके होंठ
और प्यारे से मीठे इसके बोल
आँखे ही ज्यादा बातें करें,
इसलिए नाम हैं इसका नैना।
Z7wm9d
दूध माखन खाए ये
घर भर में घूम आए ये
कभी मम्मी, तो कभी पापा को
जी भर के सताए ये
और पुकारते रहे रात दिन
बस नैना ओ नैना

नए साल में क्या पोस्ट करुँ यही सोच रहा था| विजय जी ने शनिवार को बताया कि वो अभी नैना पर कुछ लिख रहें हैं। और कुछ देर में आपको मेल भेज रहा हूँ।  यह नैना को मेरी तरफ से नए साल का उपहार। जब कुछ देर बाद उनका मेल आया। नैना पर लिखी उनकी रचना को पढ़कर भावुक हो गया।।  इंसानी रिश्तों की कहानी भी बड़ी निराली होती हैं। किसी का दिल कब किस से मिल जाए कुछ पता नहीं। फिर नैना को बताया कि चुनमुन बेटा विजय अकंल जी( बीच में ही बोल पड़ी कौन?)  ने आप पर एक कविता लिखी हैं। हल्की सी मुस्कराई,सरमाई और बोली दिखाओ दिखाओ। मैं पढ़कर उसे सुनाता रहा और वो मंद मंद मुस्कराती रही। और आखिर में मैंने पूछा कि चुनमुन कैसी लगी। अच्छी या खराब। तो बोली " अच्छी" और सरमा गई। फिर सोचा नए साल पर इससे अच्छी पोस्ट और क्या हो सकती है। अपने ब्लोग की शुरुआत भी मैंने अपनी बेटी पर लिखी एक तुकंबदी से की थी। और साल की शुरुआत भी इसी से की जाए तो क्या बुरा हैं। वैसे भी बेटियाँ बाप की लाडली होती हैं। साथ ही इस उम्मीद के साथ कि .......।

नया साल आऐगा
खुशियों के मोती लाऐगा
हर झोली में मोती चमकेंगे
फिर हम सब झूमेंगे
ऐसा नया साल आऐगा।
 

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