Wednesday, April 29, 2026

प्यार के रंग सिनेमा में- 3

5.

सलीम- अपने आप को सोने की चिड़िया क्यों कहा तुमने.

नजमा- बस यही नहीं बता सकती, अगर कहीं आप समझ गए, मुझे माफ कर दीजिए, और ना समझे तो भूल जाईएगा. 

सलीम- भूलने की शर्त तुम नहीं लगा सकती.

नजमा- आप मुझ से तो ज्यादती कर ही रहे हैं, अपने फन के साथ भी इंसाफ नहीं कर रहे.

सलीम- जो फन तुम्हारे और मेरे बीच दीवार बन जाए,मैं उसे छोड़ना पसंद करुंगा.

नजमा- मैं आपके फन की बहुत कद्र करती हूं सलीम साहब.

सलीम- लेकिन चाहती नहीं मुझे .

नजमा- आपसे शादी नहीं कर सकती, खुदा हाफिज.

सलीम- सुनो अगर कहीं मुलाकात हो गई.तो पहचान लोगी मुझे. 

नजमा- सलाम जरुर करुंग़ी. 

['बाजार' फिल्म से]

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