हम अपना बचपन देख नहीं पाते बस अपने बड़े बुजुर्गो से सुन ही पाते हैं, या एक आध घटनाएं हमारी स्मृति में बची रह जाती है। अगर हमें अपना बचपन देखना है तो अपने बच्चों के बचपन के संग हो लेना चाहिए और उस छूटे हुए बचपन को फिर से जीने के लिए। कुछ ऐसा ही मैंने इस बार किया। अपने और बेटी की खातिर हम भी होली में रंगीले हो लिए। सुबह सुबह बेटी ने हमें रंगा, दोपहर में हमने बेटी को रंग दिया। और बेटी की माँ कहाँ पीछे रहने वाले थी सो उन्होंने तो सबको ऐसा रंगा की सब एक दूसरे को पहचान ही नहीं पाए। खैर आप हमारी बेटी की होली की फोटो देखिए। और हाँ बेटी की पसंद के 10 गाने भी जानिए जिनको सुनने के लिए वह अपने पापा से खूब जिद करती हैं। और पापा गानों के लिए ब्लोगर साथियों के पीछे पड़े रहते हैं।
सैंया छेड़ देवें, ननद चुटकी लेवे
ससुराल गैंदा फूल ..............................
दिल तो बच्चा है जी, थोड़ा कच्चा है जी
हाँ दिल तो बच्चा है जी ........................
आजा आजा दिल निचोड़े ,रात की मटकी तोड़े
कोई गुड़ लक निकाले, आज गुड लक तो फोड़ॆ ...........
तू पैसा पैसा करती है क्यों पैसे पे इतना मरती है
मैं पैसों की लगा दूँ ढेरी री री री री...................
इब्न ए बतूता ता ता , बगल में जूता ता ता
पहने तो करता है चुर्र .............................
जब लाईफ हो आऊट आफ कंट्रोल
होंठो करके गोल, होठों को करके गोल
सीटी बजा के बोल ALL IS WELL
आजा आजा जिन्दे शामियाने के तले
जेरी वाले नीले आसमाने के तले
जय हो जय हो जय हो .......................................
होले होले से हवा लगती है
होले होले से दवा लगती है
होले होले से दुआ लगती है
होले होले .......................
होले होले हो जाऐगा प्यार ....................
मसकली मसकली मसकली मसकली मसकली .........
बेटा हो जा जवान तेरी शादी करुँगा
शादी करुँगा तेरी शादी करुँगा .......
कैसी लगी हमारी होली। और नैना बेटी के पसंद के गानों में से आपकी पसंद का गाना कौन सा है, ये भी बताना जी।









