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Saturday, June 12, 2021

चिन्ना मैम...

विनोद दुआ सर के घर मैं करीब चार बार गया हूं. दो बार विनोद दुआ सर जरुर मिले लेकिन मुझे कभी चिन्ना दुआ मैडम नहीं मिली. फिर एक बार हुआ यूं कि मैं बंगाली मार्किट में मैगज़ीन की दुकान पर पर मैगज़ीन उलट-पलट रहा था. तभी एक महिला मेरे बगल में आकर खड़ी हो गईं और मैगज़ीन वाले से कुछ कहने लगीं. मैंने मुंह उठाकर देखा था वे चिन्ना मैडम थीं. मैंने नमस्ते करते हुए पूछा कि आप चिन्ना दुआ हैं ना? वे नमस्ते करते हुए बोलीं कि जी मैं चिन्ना दुआ हूं. फिर कुछ देर बात होती रही. बातचीत में सिद्धू सर का भी जिक्र आया. और विनोद दुआ सर का जिक्र तो आना ही था. बेहद प्यार से मिली. थोड़ी देर बातचीत के बाद लगा ही नहीं कि हम पहले मिले ही नहीं. और घर आने का कहकर वे चली गईं. घर तो फिर कभी जाना ही नहीं हुआ लेकिन विनोद दुआ सर से बाद में दो-चार बार मुलाकात जरुर हुई.

एक दिन किसी ने बताया कि आज हैबिटैट सेंटर में विनोद दुआ और चिन्ना दुआ जी का एक कार्यक्रम है, जिसमें वे गीत-गजल सुनाएंगे. बहुत चर्चाएं सुनी थी हमने भी इस जोड़ी के गायन की, लेकिन आमने-सामने कभी सुना नहीं था. खैर शाम को हम भी हैबिटैट सेंटर चले गए. सच में कार्यक्रम शानदार रहा. आनंद आ गया था उस शाम. कार्यक्रम के खत्म होने के बाद विनोद दुआ सर से मुलाकात भी हुई.
फिर आया कोरोना महामारी का दौर. पता लगा कि विनोद दुआ सर भी कोरोना के शिकार हो गए हैं. इस महामारी से दिल तो पहले से ही उदास था और यह खबर पाकर और उदास हो गया. फिर चिन्ना मैडम की तबीयत ख़राब का भी पता चला. मन और भी ख़राब हो गया. फिर रोज दोनों के हालचाल पता करने के लिए विनोद दुआ सर की वाल पर बिना नागा सुबह-शाम जाने लगा. जिस दिन कोई खबर ना मिलती तो बैचेनी से हो जाती थी. फिर ट्विटर छान डालता था कि कहीं कुछ खबर मिल जाए. वैसे वीनू सर का नंबर तो था लेकिन ऐसे समय में बात करने की हिम्मत ना होती थी..शब्द ही नहीं थे.. ऐसे समय में मेरा जैसा इंसान बात भी नहीं कर सकता. समय नहीं आता कि क्या बात कि जाए और क्या नहीं..बल्कि एक बार जब कहीं से हालचाल की कोई खबर नहीं मिली तो मैंने सिद्धू सर की बेटी प्रमिला जी को ही फोन लगा दिया था..फिर उनसे पता चला कि ये हालात हैं. विनोद अब ठीक हैं लेकिन चिन्ना की तबीयत ज्यादा खराब है..भगवान् से दुआ करो कि दोनों जल्द ठीक हो जाएं...भगवान् से तो मैं शुरू से बिना नागा यही कहता था कि भगवान् इन्हें ठीक कर दो...और बहुत हो गया आपका तांडव. अब इस दुनिया पर रहम कर दो...लेकिन भगवान को तो कुछ और ही मंजूर था...बेशक चिन्ना मैडम हमसे बेहद दूर चली गईं हैं लेकिन वे हमारे दिल में आज भी बसी हुईं हैं. अपनी मधुर आवाज में, और अपने सरल स्वभाव में...

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