Friday, February 19, 2010

फुरसत के कुछ पल यूँ कर बीते।

काफी दिनों के बाद अब जाकर कुछ राहत मिली है तो सबसे पहले अपनी ब्लोग की दुनिया याद आई। इसलिए राम जी के हाथों की जादूगरी के कुछ नमूने लेकर आया हूँ। हुआ कुछ यूँ कि एक काम से गया था कनाट प्लेस, पर वो काम तो हुआ नहीं और पहुँच गया अपनी पसंदीदा जगह मंडी हाऊस , बस वही राम जी की कला की प्रदर्शनी लगी हुई थी । "दिल तो बच्चा है जी" नही माना, उछलता कूदता घुस गया।
 
  
  
  
  
  
  
  
  
  
  
  

आप चाहे तो ये प्रदर्शनी 22 फरवरी तक दिल्ली के कापननिक्स मार्ग पर रवीन्द्र भवन में देख सकते है। और अधिक जानकारी के लिए www.ramsutar.com पर भी जा सकते हैं। और राम जी के हाथों से बनी बेहतरीन और सुन्दर कला का आनंद ले सकते हैं। 

18 comments:

अनिल कान्त : said...

अनूठी कला का प्रदर्शन करती हुई ये मूर्तियाँ...
वाह !

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत ही शानदार प्रदर्षनी की खबर दी आपने. हमने तो आपके चित्रों द्वारा देख ली जी. बहुत धन्यवाद.

रामराम.

डा० अमर कुमार said...


केवल सूचना मात्र देकर काम नहीं चलेगा, सुशील भाई । जरा उनकी भी सोचिये जो चाहते हुये भी समय पर दिल्ली नहीं पहुँच सकते ।
आपको अपनी अगली पोस्ट में हम सब को अपने शब्दों के माध्यम से वहाँ घुमाना भी होगा ।
अगली पोस्ट की प्रतीक्षा में ...

कुश said...

हमने तो जयपुर में बैठे ही दिल्ली की प्रदर्शनी घूम ली..

मीत said...

भई वाह!! यह सुंदर रचनाएँ देख कर दिल खुश हो गया..
चलिए आपको फिर से ब्लॉग की दुनिया में पाकर ख़ुशी हुई
और इस प्रदर्शनी के बारे में बताने के लिए बहुत शुक्रिया...
मीत

अमिताभ श्रीवास्तव said...

Adbhut ji, adbhut...aahaaaaa, maza aa gayaa...dil mano dekh kar sukun se bhar uthaa.../ bahut shandar jagah pahuch gaye aap sushilji.../ mera svarg hota he esi jagaho par..., aapke saath me bhi ghum liya..../ lajavaab.//
-hamaari naina bitiya ne kya kya khaayaa..aap bataaye..usine kahaa he aapse poochh lijiye../badi ho chali he vo.../ishvar sukhi rakhe use.

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बहुत बढ़िया बेहतरीन रहे यह शुक्रिया

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदरोर संजीव चित्र लगे सभी, घर बेठे ही प्रदर्शनी देख ली. आप का धन्यवाद

सुशील कुमार छौक्कर said...

डा अमर जी शब्दों में बयान करना जरा मुश्किल है मेरे लिए। वादा नही करता पर कोशिश करुँगा जरुर।

अल्पना वर्मा said...

'Born in a poor carpenter family in Maharashtra Ram Sutar is' A BLESSED CHILD OF GODDESS SARASWATI'
Yahi likha hai PadamShree Ram Sutar ji ke baare mein kayee sites par!

चित्रों में दिखाई गयी मूर्ति कला और चित्रकारी..अद्भुत !अद्भुत!
पदम्श्री मूर्तिकार राम सुतार जी के हाथों की जादूगरी कमाल की है.
बहुत ही अच्छा किया जो इन तस्वीरों को हमसे बाँटा.
उनकी साईट पर जा कर देखा ,उनके बारे में पढ़ा ,उनकी कुछ कृतियाँ देखी .
आप ने एक बेहद प्रभावशाली व्यक्तित्व और उनके कार्यों से परिचय कराया.
बहुत बहुत आभार.

अल्पना वर्मा said...

@नैना , तस्वीर में आप तो बड़े ही टेस्टी टेस्टी चीज़ें खा रही हो...क्या बात है!
बुआ की शादी में तो बहुत सारे बच्चे और भी आए होंगे खूब मज़ा आया होगा..तस्वीरें दिखना!ओके?

Manish Kumar said...

shukriya is pradarshni ki jhalak pesh karne ke liye

डॉ .अनुराग said...

ise kahte fursat ka sahi istemal...

हरकीरत ' हीर' said...

Adbhut kla kritiyaan ....alpna ji se kuch aur vistaar mila .....kuch Raam ji ka aur paricjhay mil jata to achha lagta ....!!

काजल कुमार Kajal Kumar said...

वाह आपने तो बैठ बिठाए ही प्रदर्शनी घुमा दी. धन्यवाद.

वन्दना said...

sushil ji
sabse pahle to aapka shukriya............bahut hi sundar pradarshni yahin dikha di........ek dum jivant lag rahi hain.....sabhi ek se badhkar ek hain.

naina bitiya ko hamara bahut bahut pyar.........bahut achchi lag rahi hai.

बेचैन आत्मा said...

...आभार.

अल्पना वर्मा said...

आपके व आपके परिवार को होली की बहुत सारी शुभकामनायें।

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