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Wednesday, April 29, 2026

प्यार के रंग सिनेमा में- 3

5.

सलीम- अपने आप को सोने की चिड़िया क्यों कहा तुमने.

नजमा- बस यही नहीं बता सकती, अगर कहीं आप समझ गए, मुझे माफ कर दीजिए, और ना समझे तो भूल जाईएगा. 

सलीम- भूलने की शर्त तुम नहीं लगा सकती.

नजमा- आप मुझ से तो ज्यादती कर ही रहे हैं, अपने फन के साथ भी इंसाफ नहीं कर रहे.

सलीम- जो फन तुम्हारे और मेरे बीच दीवार बन जाए,मैं उसे छोड़ना पसंद करुंगा.

नजमा- मैं आपके फन की बहुत कद्र करती हूं सलीम साहब.

सलीम- लेकिन चाहती नहीं मुझे .

नजमा- आपसे शादी नहीं कर सकती, खुदा हाफिज.

सलीम- सुनो अगर कहीं मुलाकात हो गई.तो पहचान लोगी मुझे. 

नजमा- सलाम जरुर करुंग़ी. 

['बाजार' फिल्म से]

Monday, January 12, 2026

प्यार के रंग सिनेमा में-2

 3.
माया- बिना बताए चले जाते हो. जाके बताऊं कैसा लगता है! 


4. 
महेंद्र बाहर गार्डन में बिस्तर पर लेटा हुआ थे. माया गर्म पानी और तौलिये से महेंद्र का बदन पोंछ रही थीं. पानी ज्यादा गर्म था. 



महेंद्र- बहुत गर्म है यार.
माया- ठीक है यार. जरा बर्दाश्त भी तो किया करो. बस दूसरे को ही जलाते रहते हो. कभी तुम्हारा भी तो धुआं निकले.
महेंद्र- बस.
माया- अभी और भी बाकी है. बड़े भद्दे पैर है तुम्हारे. 
महेंद्र- तुम्हारे मुंह से ज्यादा अच्छे हैं. 
माया- अपनी शक्ल देखी है कभी.
महेंद्र- तुमने देखी है?
माया- दिन रात वही तो देखती रहती हूं.

और माया महेंद्र के पैरों को चूम लेती हैं, जिससे 
पैरों पर लिपस्टिक का निशान लग जाता है. 

महेंद्र- ये क्या कर रही हो?
माया- तुम्हारे पैर खूबसूरत बना दिए. अपनी स्टेम्प लगा के. अब तुम खो नहीं सकते. खो जाओगे तो ये दिखा देना. 
महेंद्र- अरे क्या करुं तेरा.
माया‌- अचार डाल लो.
महेंद्र- तुझे लेकर तो फंस गया मैं. 
माया- यू नो मैं फंस गई. तुम्हारे साथ रह भी नहीं सकती हूं और तुम्हारे बिना भी रह नहीं सकती.

[ 'इजाजत' फिल्म से. ]

Monday, January 5, 2026

प्यार के रंग सिनेमा में-1


1. 

महेंद्र- अब भी माचिस रखती हो? पहले तो मेरे लिए रखती थीं और अब.  

सुधा- अब अपने लिए रखती हूं.

महेंद्र- मतलब सिगरेट पीना शुरु कर दिया क्या? 

सुधा- नहीं. आपकी भूलने की आदत नहीं गई. मेरी रखने की आदत नहीं गई.



2. 

महेंद्र- चश्मा कब से लगाने लगीं?

सुधा- दो-ढाई साल हो गए हैं. 

महेंद्र- अच्छा लगता है. समझदार लगती हो. 

सुधा- पांच साल पहले समझदार नहीं लगती थी?

महेंद्र- लगती थी. अब ज्यादा लगती हो. 

सुधा- आपने दाढ़ी कब से बढ़ा ली?

महेंद्र- कुछ दिनों से. क्यों मैं समझदार नहीं लगता?


['इजाजत' फिल्म से ]


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