तलाश

किसी को फसल के अच्छे दाम की तलाश,किसी को काम की तलाश,किसी को प्यार की तलाश, किसी को शांति की तलाश, किसी को खिलौनों की तलाश,किसी को कहानी की तलाश,किसी को प्रेमिका की तलाश, किसी को प्रेमी की तलाश,................ तलाश ही जीवन है

Friday, May 11, 2012

घी के दिए जलाऐंगे, मंटो का जन्मदिन मनाऐंगे...

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लम्बा-तिरछा , चपटा, गोरा-गोरा, हाथ की पीठ पर नसें उभरी हुईं, कंठ की घंटी बाहर निकली , सूखी टांगो पर बड़े- बड़े पांव, लेकिन  बेडौल नहीं, स्त्...
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Sunday, November 13, 2011

नाटक- गालिब-ए-आजम और मैं

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जब भी गोरा चेहरा, ऊंची नाक, चौड़ा माथा, लम्बे कान, घनी सफेद दाढ़ी, लम्बा कद, इकहरा बदन जिस पर लम्बा-सा चोगा , और सिर पर बड़ी-सी फर वाली टोपी...
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Sunday, October 2, 2011

लहूलुहान इंसान

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आदमी है कि सिर्फ सांसे ले रहा है  क्योंकि वह मरना नहीं चाहता है कभी मां-बाप की बुढ़ी होती हडिडयो की चिंता में कभी बच्चों की जवान होती मुस्करा...
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Tuesday, September 27, 2011

बेटी और उसकी बातें

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बेटी के नन्हें-नन्हें हाथ अब बड़े होने लगे हैं खिलौनों के साथ किताबें-पेंसिल भी पकड़ने लगे हैं. जुबां अब इसकी तुतलाती नहीं है द,आ का डंडा,दा,द...
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Monday, September 5, 2011

शिक्षक दिवस पर, गुरु की बातें

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माननीय प्रधान जी ते साथियों: पहला धिआंवां बाबा नानक, जिन प्यार दा सबक सिखाया दूजे धिआंवां भगत सिंध नूं जालम नूं ललकारे.... ये दोनों स...
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Tuesday, July 26, 2011

लोकगीतों वाले बाबा...

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मुझे अच्छी तरह याद है। उस रोज दिनभर बारिश होती रही।शाम के वक्त बूंदे ज़रा थम गई थीं, लेकिन आकाश पर अभी तक बादल छाए थे। ऐसा लगता था कि अभी-अभ...
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Tuesday, June 28, 2011

असरारुल हक मजाज लखनवी

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मजाज उर्दू शायरी का कीटस है। मजाज शराबी है। मजाज बड़ा रसिक और चुटकलेबाज है। मजाज के नाम पर गर्ल्स कॉलेज अलीगढ़ में लाटरियां डाली जाती थी कि ...
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Monday, May 9, 2011

‘वह लड़का आज भी मुझमें बसा हुआ है’

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दिल्ली की बेतहाशा गर्मियों वाली दोपहर को चिलचिलाती धूप से पुरानी दिल्ली स्थित हरदयाल सिंह लाइबेरी की छत तप रही थी, पंखे गर्म हवा फेंक रहे ...
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Friday, April 15, 2011

महाभारत का अरावनी रंग

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भारत की परंपराओं, उसके साहित्य और संस्कृति का चित्रण जब भी मंचित होता है तो लगता है जैसे पूरा भारत सिमट कर सामने आ खड़ा हुआ हो । हम उसके रंग ...
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Monday, January 17, 2011

मंटो मरा नहीं, जिंदा है हम सबके दिलों में!

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एक अजीब हादिसा हुआ है। मंटो मर गया है, गो वह एक अर्से से मर रहा था। कभी सुना कि वह पागलखाने में हैं,कभी सुना कि बहुत ज्यादा शराब पीने के का...
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बुल्ला कि जांणा मैं कौन?

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सुशील छौक्कर
अपने माँ पिता का सुशील बेटा
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